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एलर्जी को न ले हल्के में -डॉ अनिकेत त्रिपाठी
September 24, 2019 • डॉ अनिकेत त्रिपाठी

एलर्जी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन बच्चों में यह आम होता है। हेरेडेटी का भी इसमें खास रोल होता है। मतलब यह कि आपके परिवार में अगर किसी को एलर्जी है, तो यह आपको भी हो सकती है। इसके साथ ही यह भी हो सकता है कि आपके माता-पिता दोनों को ही एलर्जी हो, लेकिन आप इसके शिकार न हों।कई बार स्मोक, पल्यूशन और हार्मोस-एलर्जी के कारण होते हैं। एलर्जी हमारे इम्यून सिस्टम का अबनॉर्मल रिस्पॉन्स है। आइये जानते हैं इनसे बचने के उपाय-

एलर्जी-

किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में और किसी भी चीज से हो सकती हैं। एलर्जी का अटैक आने पर पीड़ित व्यक्ति को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।एलर्जी से बचने के लिए एलर्जी के कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी हैं।

आमतौर पर मोल्ड, पोलेन या एनिमल डेंडर से एलर्जिक रिऐक्शन होता है। सांस लेने या खाने के दौरान इनसे हमारा एक्सपोजर होता है। आंखों से पानी आना या खुजली होना, स्त्रीजिंग, बहती नाक, रैशेज, रेड पैचेज के साथ रैशेज या फिर थकान महसूस करना - एलर्जी के सामान्य लक्षण हैं। कई बार आपको पता नहीं चल पाता कि एलर्जी हो गई है, बस थोडा थका हुआ महसूस करते हैं। हल्के लक्षण से जहां आपको बुखार या कोल्ड हो सकता है, वहीं गंभीर लक्षण से ज्यादा बीमार पड़ने की आशंका रहती है। गंभीर एलर्जिक रिऐक्शन पूरी बॉडी में इचिंग, बेदलेसनेस, श्रोट में टाइटनेस, हाथों और पैरों में सिहरन लेकर आता है

एलर्जी के कारणों में दूध, नट्स, व्हीट्स और एग्स सबसे कॉमन हैं। सबसे अच्छी बात तो यह रहेगी कि आप ऐसी चीजों को अवॉइड करें, जिनसे आपको एलर्जी होती है। हां, अगर गलती से खा ही लिया तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लीजिए।  हर दो माह के बाद घर के पर्दे धो डालें। कपड़ों और पदों को गर्म पानी में धोइए। इसमें कुछ बूंदें यूक्लिप्टस ऑयल की डालने से कीड़े-मकोड़े नहीं रहेंगे। पेट्स के साथ खेलते समय केयरफुल रहें। बदलते सीजन में एलर्जिक रिऐक्शन का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए

एलर्जी का उपचार-

एलर्जी का उपचार, एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण और उसकी तीव्रता पर निर्भर करता हैं। एलर्जी के उपचार संबंधी अधिक जानकरी निचे दी गयी हैं:

1 :एलर्जी विरोधी दवा : एलर्जी की तीव्रता कम होने पर पीड़ित व्यक्ति को Anti Allergic दवा दी जाती हैं जैसे की Cetrizine, Levocetrizine, Loratidine इत्यादि। यह दवा डॉकटर की सलहानुसार उचित मात्रा में और निर्धारित समय तक ही लेना चाहिए। यह दवा लेने से कुछ लोगो को नींद या सुस्ती आती हैं। यह दवा लेने के बाद कोई भी जोखिम वाला कार्य जैसे की गाड़ी चलाना, मशीन पर काम करना जैसा कार्य नहीं करना चाहिए।

2 :स्टेरॉयड दवा : एलर्जी की तीव्रता और लक्षण अधिक होने पर एलर्जी विरोधी दवा के साथ पीड़ित को कुछ समय के लिए स्टेरॉयड दवा दी जाती हैं। यह दवा गोली, सिरप, इंजेक्शन, इनहेलर या नेबुलायज़र के रूप में दे सकते हैं। इस दवा से तुरंत राहत मिलती है पर इनके दुष्परिणाम भी अनेक होने के कारण बिना डॉक्टर के सलाह से यह नहीं लेना चाहिए।

3 :संवेदनशीलता कम करना : Immune Therapy में एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति को इंजेक्शन दिए जाते हैं जिससे एलर्जन के प्रति अति संवेदनशीलता में कमी आकर एलर्जी के लक्षणों में भी कमी आती हैं।

4 :अन्य : ऊपर दी हुई दवा के साथ डॉक्टर आवश्यकता अनुसार एंटीबायोटिक्स, विटामिन्स, सूजन कम करने की दवा, रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ाने की दवा और अन्य जरुरी दवा दे सकते हैं। पीड़ित की स्थिति गंभीर होने पर पीड़ित को अतिदक्षता विभाग में दाखिल भी करना पड़ सकता हैं। एलर्जी का उपचार करने के साथ-साथ एलर्जी की समस्या दोबारा न हो इसलिए पीड़ित व्यक्ति ने एलर्जी से बचने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।